कटघोरा में चमका-धमकाकर अवैध वसूली का खेल…पहले पकड़ा गया था फर्जी खनिज अधिकारी और अब पकड़ाया फर्जी क्राइम ब्रांच पुलिस

कोरबा। कटघोरा थाना में प्रार्थी दिनांक 08.12.2023 को पहुंचता है जो लिखित आवेदन पेश किया कि मृत्युजय मिश्रा क्राइम ब्रांच पुलिस हू, कहकर धमकाने लगा और 1000 रूपये की मांग करने लगा। मैं डर से 500 रूपये का नोट दिया तो 500 रूपये और मांगा तो मैं और नही है बोला। वह थाने में बंद कर दूंगा कहकर कार्यवाही करने की धमकी देते हुए भय में डालकर जबरजस्ती दबाव बनाकर 500 रूपये ले लिया है। पुलिस ने आवेदन जांच पर आरोपी के विरूद्ध भयादोहन कर पैसा लेना पाये जाने से धारा सदर का अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया। पुलिस अधीक्षक कोरबा जितेन्द्र शुक्ला के द्वारा दिशा निर्देश पर अत्तिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा , अनुविभागीय अधिकारी कटघोरा पंकज ठाकुर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक तेज कुमार यादव एवं सायबर सेल कोरबा प्रभारी सउनि अजय सोनवानी के नेतृत्व में कटघोरा थाना स्टाफ एवं सायबर सेल टीम के द्वारा आरोपी की पतासाजी कर आरोपी मृत्युंजय मिश्रा को पकड़ा गया। जो बिलासपुर के सीपत का रहने वाला निकला। आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य सबूत पाए जाने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। उक्त कार्यवाही में निरीक्षक तेज कुमार यादव, सउनि विनोद खाण्डे, प्र.आर. 228 शिव खरे, प्र.आर 392 गोपाल यादव, प्र.आर 824 सुरेश तवर, आर.880 नंदलाल सारथी, आर 201 मनीष साहू, आर 536 खम्हन, आर 364 अजय खुटले एवं सायबर सेल टीम के सउनि अजय सोनवानी, प्र.आर 322 चन्द्रशेखर पाण्डेय, प्र.आर 35 राजेश कंवर, आर 689 रितेश शर्मा का विशेष योगदान है।
आखिर फर्जी अधिकारी कर्मचारी बनकर भयादोहन क्यों?
पिछले दिनों कटघोरा में एक ट्रैक्टर मालिक को कथित पत्रकार बनकर घुमने वाले स्थानीय युवक ने खुद को फर्जी रूप से खनिज अधिकारी होने व उसके खिलाफ कार्यवाही करने की धमकी देते हुए भयादोहन कर रकम वसूला था। मामले में पुलिस ने उसे जेल भेजा। उक्त मामला ठंडा नहीं हुआ है कि अब बिलासपुर के सीपत का युवक फर्जी क्राइम ब्रांच कर्मचारी बनकर भयादोहन करते हुए अवैध रकम वसूल रहा था। सवाल उठता है कि आखिर कटघोरा में ऐसा क्या चल रहा है जो अवैध वसूली के लिए खनिज विभाग व पुलिस विभाग के अधिकारी कर्मचारी बनकर बदमाश पहुंच रहे हैं और रकम भी वसूल रहे हैं। जिस तरीके से चंद दिनों के भीतर दो मामले सामने आ गए उससे लगता है कि कटघोरा में जरूर अवैध गतिविधियां चल रही है।