छत्तीसगढ़ की बेटी ने व्यतनाम पहुंचकर जीता मिस क्यून कॉनटिनेटल इंटरनेशल 2024 का खिताब, बढ़ाया देश का गौरव
कोरबा में रहने वाली माही सांवरियां ने कठिनाईयों से भरी जिंदगी में हर परिरिथति का सामना करके किया अपने सपनों को साकार

कोरबा। “मैं हूं माही सांवरियां” कोरबा नगर की एक प्रेरणादेयक युवती हूँ। मेरी यात्रा कठिनाईयों से भारी रही हैं, ‘लेकिन मैनें हर परिरिथति का सामना करके अपने सपनों को साकार किया हैं। मेरा जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मैंने बचपन से ही कई कठिनाईयों का सामना किया है। मेरी पढ़ाई भी कुछ खास नहीं रही, घर की आर्थिक स्थिति के कारण मैं 12वीं के बाद आगे की पढ़ाई नहीं कर सकी। मेरी जिंदगी व्यक्तिगत संकट भी आए। 2018 में मेरी मां का निधन हो गया तो पिता का साथ बचपन से ही नहीं था। इन कठिनाईयों ने मुझे और मजबूत बनाया। कठिन परिस्थिति में भी मैंने कभी भी अपने सपनों को छोड़ने की बात नहीं सोची और मुश्किल हालात में भी मेरे कदम नहीं डगमागाये। घर की जिम्मेदारियों ने मुझे जॉब करने पर मजबूर किया। जॉब करते हुए भी लगातार अपने सपने को साकार करने के लिए प्रयासरत रही। जिसका परिणाम है कि आज मैंने विदेश व्यतनाम में जाकर मिस क्यून कॉनटिनेटल इंटरनेशल 2024 का खिताब प्रथम विजेता बनकर हासिल की और अपने देश का नाम रोशन किया। साथ ही विदेश की धरती पर कोरबा के साथ छत्तीसगढ़ का नाम लेकर अपने जन्मभूमि का मान बढ़ाया।

यह बात रविवार को कोरबा प्रेस क्लब के तिलक भवन में प्रेस वार्ता के दौरान शहर की माही सांवरिया ने कही। उन्होंने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी बयां करते हुए बताया कि उनका कैरियर मॉडिलिंग से शुरू हुआ। मैं कई शो किये, लेकिन शुरूआत मे मॉडल की तरह पहने के लिए न तो पर्याप्त कपड़े थे और न ही खरीदने के पैसे। फिर भी मैं हार नहीं मानी। फैशन शो के लिए महंगे कपड़े और पैसा बहुत महत्वपूर्ण होता है जिसके लिए मेरी सहेलियों ने सर्पोट किया। जिसकी बदौलत में मॉडलिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ी। उषा शर्मा के शो में मुझे प्रथम पुरूस्कार मिला। बाद में मिस छतीसगढ़ में दूसरी रनर अप बनी। मैंने मिस इंडिया इंटरनेशनल का खिताब भी जीता, जो मेरे लिए एक बड़ा मिल का पत्थर साबित हुआ। मैंने लगातार मेहनत करके अंग्रेजी सीखी और आगे बढ़ने का जज्बा लेकर तैयारी की। जिसका परिणाम है कि व्यतनाम में जा के मिस क्यून कॉनटिनेटल इंटरनेशल 2024 का खिताब प्रथम विजेता बनकर हासिल की और अपने देश का नाम रोशन किया। इस पर मुझे गर्व है। आगे मैं अपने दम पर खड़ी रहना चाहती हूं और दूसरों के लिए प्रेरणा बनना चाहती हूं। आगे मेरा सपना बिग बॉस में भाग लेना हैं, ताकि में अपने छत्तीसगढ का नाम रोशन कर सकूं। 
सपने देखें और आत्मविश्वास के साथ संजोने में जुटे
माही सांवरिया ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी सुनाने का उदेश्य बताया कि वह हर युवाओं के लिए एक प्रेरणा बनकर उभरी है। जिस तरह उसने सपने देखें और साकार किया उसी तरह अन्य लोग भी समझे कि बिना किसी मदद के भी बड़े सपने देखे जा सकते हैं और आत्मविश्वास के साथ उसे संजोने में जुटे तो सफलता भी मिलती है। मेरे संघर्ष की कहानी हमें यह सिखाती हैं कि मेहनत समर्पण और आत्मविश्वास से हर मुश्किल को पार किया जा सकता हैं।



