कोरबा के एसपी रहे आईपीएस जितेंद्र शुक्ला बने देश के NSG के ग्रुप कमांडर, भारत सरकार ने किया नियुक्ति आदेश जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के तेजतर्रार और परफॉर्मेंस देने वाले आईपीएस अफसरों पर लगातार केंद्र सरकार का ध्यान है जो उनकी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों में महत्वपूर्ण पदों पर प्रतिनियुक्ति कर रही है। इसी कड़ी में कोरबा के एसपी रहे तेजतर्रार आईपीएस जितेंद्र शुक्ला को एनएसजी यानी नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के कमांडर (एसपी) का पद संभालेंगे।

केंद्र सरकार ने उनकी प्रतिनियुक्ति जारी करके तत्काल रिलीव करने को कहा है। आईपीएस शुक्ला वर्तमान में जगदलपुर बटालियन के कमांडेंट का पद संभाल रहे हैं। कोरबा में लगभग 6 माह के कार्यकाल में आईपीएस शुक्ला ने कड़ी पुलिसिंग की थी कि अपराधियों में पुलिस का खौफ नजर आने लगा था। तेजतर्रार होने के साथ ही वे पुलिस बल के साथ खुद ही फिल्ड पर उतर जाते थे।

कोरबा समेत कई जिलों रहे एसपी
आईपीएस जितेंद्र शुक्ला छत्तीसगढ़ में कई अहम जिलों के एसपी रहे हैं, खास तौर पर नक्सल मोर्चों पर उन्होंने अहम ऑपरेशन किए हैं, वह नक्सल प्रभावित सुकमा, रानांदगांव, कोरबा और महासमुंद जिलों के एसपी रह चुके हैं. 2 सितंबर 2013 को उन्होंने आईपीएस सेवा ज्वाइन की थी, जिसके बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर दिया गया था. उन्होंने बिलासपुर और कोटा थाना प्रभारी के रूप में अपना प्रशिक्षण पूरा किय था, जिसके बाद उन्हें अंबिकापुर में सीएसपी और बाद में सुकमा जिले का एडिशनल एसपी बनाया गया था. बाद में सुकमा जिले से ही उन्होंने एसपी के रूप में अपनी सेवाएं देना शुरू की थी.

पीएम समेत वीवीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था संभालती है एनएसजी
एनएसजी का गठन साल 1986 में देश में आतंकवाद-विरोधी किसी भी अभियान को रोकने के लिए किया गया था. हालांकि इसका इस्तेमाल तभी किया जाता है जब आतंकवादी हमला बेहद गंभीर होता है. देश के प्रधानमंत्री के सुरक्षा की जिम्मेदारी भी एनएसजी ही निभाता है, जबकि देश के अन्य बड़े वीवीआई की सुरक्षा भी यही करते हैं. एनएसजी जीरो एरर पर काम करता है, जिसमें गलती की कोई गुंजाइश होती ही नहीं है. जितेंद्र शुक्ला को इसी में जिम्मेदारी दी गई है.

