QLOF एप भागने की चर्चा, निवेशकों में बढ़ी चिंता…कंपनी की संदिग्ध गतिविधियां जारी
जिले के हजारों लोगों ने ऑनलाइन एप में लगाया है रकम, कई रकम पाने 6 हजार रुपए लगाकर कर रहे हैं कथित केवाईसी

कोरबा। लुभावने स्कीम में रकम निवेश करवाकर कम समय में कई गुना अधिक रिर्टन देने वाली ऑनलाइन एप (क्यूएलओएफ) कारोबार कर रही थी। कई तरह के लुभावने ऑफर से शहरी, उपनगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग एप में रकम निवेश करके जुड़ते और अपने रिश्तेदार व परिचितों को जोड़ते चले गए। निवेशकों की संख्या हजारों में पहुंच गई। इस बीच एक सप्ताह से उक्त ऑनलाइन एप में अलग-अलग वजह बताकर नगद निकासी रोक दी गई। जिसके बाद से एप की गतिविधि संदिग्ध लगने लगी थी। हालांकि सोशल मीडिया के जरिए शुक्रवार को निकासी सिस्टम शुरू होने की बात कही गई थी जिससे निवेशक प्रतिक्षारत थे। लेकिन शुक्रवार को निवेशकों द्वारा ट्रांसफर किए गए रकम बैंक खातों में नहीं पहुंचे और फिर केवाईसी प्रमाणीकरण के नाम पर 6 हजार रुपए जमा करने को कहा जाने लगा। जिसके बाद से एप के भागने की चर्चा हो गई। सोशल मीडिया में भी शनिवार और रविवार को दिनभर क्यूएलओएफ एप के माध्यम से ऑनलाइन ठगी किए जाने की खबर वायरल होने लगी। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि कथित केवाईसी प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को पूरी करने वाले कई लोगों के बैंक खातों में रकम पहुंचने का प्रचार भी क्यूएलओएफ एप के माध्यम से किया जा रहा है। क्यूएलओएफ की संदिग्ध गतिविधियां देखकर ज्यादातर निवेशक कथित केवाईसी प्रमाणीकरण को भी ठगी का जरिया होने की आशंका जाहिर कर रहे हैं।

कथित केवाईसी सत्यापन पर खाता हो रहा सामान्य
क्यूएलओएफ एप की ओर से शुक्रवार को पहले 28-29 जून तक 6 हजार रुपए लगाकर केवाईसी सत्यापन पूरा करने की चेतावनी दी गई थी। फिर 30 जून तक का समय दिया गया है। 6 हजार रुपए जमा करके कथित केवाईसी कराने वाले कई निवेशकों का वेतन खाता खोला गया है जिसमें से वे अपने वेतन की रकम निकाल रहे हैं जो उन्हें 30 से अधिक सदस्यों को अपने नीचे जोड़ने पर मिलता है। लेकिन मुख्य खाता जिसमें निवेशकों को मोटे रकम फंसे हैं उसे अभी नहीं खोला जा रहा है। कंपनी के शर्तो के तहत उक्त खाते की रकम के लिए सोमवार से शुक्रवार के बीच सुबह 7 से 9 बजे तक आवेदन करना होता है। कंपनी ने केवाईसी सत्यापन कराने पर खाता सामान्य स्थिति में बहाल करने का वादा किया है इसलिए अब निवेशकों को सोमवार की सुबह का इंतजार है।
विशेषज्ञों की सलाह…केवाईसी के नाम पर रकम जमा करने से बचें
साइबर एक्सपर्ट जेपी पांडेय के मुताबिक संदिग्ध एप QLOF की पूरी गतिविधियां संदिग्ध है। कोई भी कंपनी निवेशकों को उतना मुनाफा नहीं देती जितना QLOF दे रही है। अब निवेशकों के ऑनलाइन खातों से लेनदेन रोककर 30 जून से पहले केवाईसी सत्यापन पूरा करना को कहा जा रहा है। केवाईसी के लिए किसी तरह की फीस नहीं लगती है इससे साफ है कि निवेशकों को आगे भी ठगने की कोशिश की जा रही है। इसलिए कथित केवाईसी के नाम पर रकम जमा करने से बचना चाहिए। मनी लॉन्ड्रिंग और दुर्भावनापूर्ण लेनदेन जैसी अवैध गतिविधियों पर संदेह होने पर केंद्रीय एजेंसी एक्शन लेती है। ऐसा मैसेज महज निवेशकों को अपने झांसे में लेने के लिए है। निश्चित तौर पर कंपनी ठगी कर चुकी है।
