वाह…पुलिस कप्तान हो तो ऐसे, गुंडे-बदमाशों के लिए सख्त, दीन दुखियों के लिए इतने नम्र कि सपरिवार मिलने पहुंचे और हालचाल जानकर बांटे कंबल, ड्रायफ्रूट व मिठाइयां
एसपी संतोष सिंह का मानवीय चेहरा, निराश्रित महिलाओं, बुजुर्गों समेत छोड़े गए बच्चों से मिले, कुशल क्षेम और समस्या सुनी, बुजुर्गो को घर से निकालने वाले परिजन के खिलाफ कार्यवाही का दिया निर्देश

छत्तीसगढ़। कोरबा में पुलिस कप्तान रहते हुए निजात अभियान चलाकर नशे का कारोबार करने व नशे में वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्यवाही करने के साथ गुंडे-बदमाशों पर सख्ती करने वाले एसपी संतोष सिंह अभी बिलासपुर जिले की कप्तानी कर रहे हैं। जहां शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न कराने में योगदान के बाद एसपी संतोष सिंह अपनी पत्नी वंदना सिंह और बच्चों अर्थ व अयान के साथ आज मंगलवार को हुए बारिश के बाद बढ़े ठंड को देखते हुए वृद्धाश्रम कल्याणकुंज ईदगाह चौक, मदर टेरेसा आश्रम, कुष्ठरोग आश्रम तोरवा और सेवा भारती कुदुदण्ड पहुंच गए। जहां रहने वालों से उन्होंने कुशल क्षेम और समस्याएं सुनने के बाद सबको कंबल, ड्रायफ्रूट, मिठाइयां आदि बांटी। उन्होंने अपने बच्चों को अन्य लोगों के साथ खुशियां बांटने की सीख दी।

बुजुर्ग पुरुष और महिलाओं से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनी, जहां कुछ बुजुर्गों ने बताया कि उनके परिजनों ने उन्हें घर से निकाल दिया है। एक बुजुर्ग की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने उसके पालक के खिलाफ मामला दर्ज करने हेतु संबंधित थाने को निर्देशित किया।

सेवा भारती में एडॉप्शन प्रकिया पर पूरी वैधानिक नियमों का पालन करने पर जोर दिया। कुष्ठ आश्रम में पहुंचने पर उन्हें कुष्ठ रोगियों ने परिसर में कुछ जगहों पर फ्लोरिंग की आवश्यकता बताई जिस पर उन्होंने साथ गए आरआई को निर्देशित कर वहां फ्लोरिंग के कार्य हेतु सीमेंट रेती आदि उपलब्ध करवाने को कहा। वहां उपस्थित बच्चों को खिलौने और चॉकलेट दिया। अपने बीच पुलिस अधीक्षक और उनके परिवार को पाकर सभी बड़े प्रसन्न हुए और पुनः आने का आग्रह किया।