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आईजी मिलना कुर्रे ने बालको में 56 महिला कर्मचारियों को किया सम्मानित

बालकोनगरवेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर टाउनहॉल का आयोजन किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती मिलना कुर्रे, उप महानिरीक्षक पुलिस (आईजी), छत्तीसगढ़ की उपस्थिति में कंपनी की 56 महिला कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। वर्ष 2008 बैच की आईपीएस अधिकारी मिलिना कुर्रे ने बालको की महिला कर्मचारियों तथा बालको में समावेशी कार्यस्थल की सराहना की।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “अनस्टॉपेबल” पत्रिका के दूसरे संस्करण का लोकार्पण रहा। इस पत्रिका में बालको परिवार की 12 प्रेरणादायी महिलाओं की कहानियाँ शामिल हैं। इसमें बताया गया है कि कैसे इन महिलाओं ने अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपने काम में भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सफलता हासिल की और लगातार आगे बढ़ती रहीं हैं।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि आज महिलाएं विभिन्न जिम्मेदारियों के साथ में समाज को आगे बढ़ा रही हैं। कंपनी ने ऐसा वातावरण तैयार किया है जिससे सभी को समानता के साथ आगे बढ़ने के मौके मिल रहा हैं। हमारे संयंत्र के संचालन में महिलाएं अग्रणी भूमिका निभाते हुए नवाचार को आगे बढ़ा रही हैं। उनकी उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता हमें विश्व-स्तरीय एल्यूमिनियम निर्माण के साथ-साथ आसपास के समुदाय को सशक्त बनाने में मदद करती है। जैसे-जैसे हम अपनी 1 एमटीपीए क्षमता के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं, महिलाओं का नेतृत्व एक अधिक समावेशी बालको और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्य अतिथि श्रीमती मिलना कुर्रे ने कहा कि समय के साथ हमने यह साबित किया है कि कोई भी कार्य महिलाओं की क्षमता से बाहर नहीं है। चाहे बीएसएफ और सेना में सेवा देना हो या सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में महत्वपूर्ण पद संभालना, महिलाएँ हर क्षेत्र में शक्ति और उद्देश्य के साथ नेतृत्व कर रही हैं। उनका विकास हमारे देश की निरंतर प्रगति का प्रतीक है और इस परिवर्तन को देखना गर्व की बात है। कोई भी समाज या संस्थान तभी वास्तविक रूप से समृद्ध होता है जब वह महिलाओं का सम्मान करता है। साथ ही यह सम्मान सदैव बना रहना चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कार्यस्थल में जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें भावनात्मक स्वास्थ्य पर खुलकर बातचीत को प्रोत्साहित करने के लिए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक विशेष सत्र शामिल था। इसके साथ ही बालको मेडिकल सेंटर के सहयोग से स्तन कैंसर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रारंभिक जांच के महत्व, रोकथाम, नियमित स्क्रीनिंग, चेतावनी संकेतों की पहचान और इससे जुड़े भ्रांतियों को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

सांस्कृतिक संध्या में ऊर्जा से भरपूर प्रस्तुतियाँ और रोचक गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य, प्रस्तुतियाँ और नारी शक्ति को समर्पित गीतों की प्रस्तुति शामिल रही। साथ ही पोस्टर-मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया था, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ‘गीव टू गेन’ थीम पर आधारित पोस्टर प्रदर्शनी में कर्मचारियों, उनके परिवारों और समुदाय के सदस्यों की रचनात्मक कला भी प्रदर्शित की गईं।

बालको निरंतर कौशल विकास कार्यक्रमों और महिलाओं के लिए अनुकूल सुविधाओं के माध्यम से एक समावेशी कार्यस्थल बना रहा है। इसमें चाइल्ड केयर के महत्व को ध्यान में रखते हुए महिला कर्मचारियों के लिए ‘क्रेच’ की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही महिलाओं को छह महीने का वैतनिक ‘मातृत्व अवकाश’ और अवकाश के उपरांत माताओं को बच्चे के छह वर्ष के होने तक 80 मिनट का नर्सिंग ब्रेक प्रदान किया जाता है। महिला कर्मचारियों के लिए ‘वन डे वर्क फ्रॉम होम पॉलिसी’ है जिसमें एक दिन घर से कार्य करने का अवसर मिलता है। इसके साथ कंपनी का लक्ष्य 2030 तक महिला कर्मचारियों की संख्या 30 प्रतिशत करना है।

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