एसडीओपी कार्यालय में बैठा था हवलदार…बाहर से पहुंचे लाेगाें ने कहा-हम मुंगेली के है…जान से मारकर फेकवा देंगे
सहकर्मी देखते रह गए-मामला निकला पारिवारिक, हवलदार के बहू समेत परिवार के खिलाफ अपराध कायम

काेरबा। कटघाेरा के एसडीओपी कार्यालय में 9 दिन पहले 10 अक्टूबर की शाम 5 बजे उस समय हड़कंप मच गया जब मुंगेली के कुछ लाेग पहुंचे जाे वहां पदस्थ हवलदार वीरेंद्र कुमार मिश्रा काे चिल्ला चिल्लाकर गाली-गलाैच करने लगे। हवलदार ने कार्यालय से बाहर निकलकर उन्हें गाली देने से मना करते हुए शांति से बात करने काे कहा। तो वे लोग और उग्र हो गये और बोले कि हम लोग मोटरसायकल लेने आये है उसे दे दो, क्योकि मोटर सायकल ज्योति त्रिपाठी के नाम से है। हम लोगो को नही जानते हो मुंगेली क्षेत्र के है कभी भी तुमको उठवाकर जान से मारकर फेकवा देंगे। सभी लोगो के द्वारा यह बोला जा रहा था कि आज आर या पार की लडाई होगी। मुंगेली क्षेत्र के है उटवा लेगे देखते है तुम कैसे नौकरी करोगे। मामले में कटघाेरा थाना में 4 आराेपियाें के खिलाफ नामजद अपराध कायम कर लिया गया है।
बेटे के निधन के बाद से पारिवारिक विवाद
हवलदार वीरेंद्र कुमार मिश्रा काे धमकी-चमकी देने वाले काेई और नहीं बल्कि उनके दिवंगत बेटे अशोक कुमार मिश्रा के ससुराल पक्ष वाले थे। जिसमें उनकी बहू ज्याेति त्रिपाठी समेत उसके परिवार के रमेश चंद्र त्रिपाठी, ममता त्रिपाठी एवं दीपक त्रिपाठी थे। हवलदार वीरेंद्र कुमार मिश्रा के मुताबिक अशाेक कुमार की शादी के एक साल के भीतर बालकाे में हुए सड़क दुर्घटना में उसका निधन हाे गया। जिसके बाद 30 जून काे ससुराल पक्ष ने बिलासपुर के महिला परामर्श केंद्र में शादी के उपहार का सामान वापस मांगा था। जहां काउंसलिंग में हवलदार वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने बाेला था कि अपना सामान ले लो और लिखित में मुझे दे दो। इसके बाद वे सीधे 10 अक्टूबर काे बिना किसी सूचना के उनके कार्यस्थल पहुंचकर ऐसी हरकत की।