विधानसभा चुनाव शंखनाद के साथ प्लान 144 के लिए आ रहे हैं गृहमंत्री अमित शाह
पिछले चुनाव में हारी हुई सीटों पर खास फोकस है भाजपा का

कोरबा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का 7 जनवरी को कोरबा प्रवास आगामी विधानसभा चुनाव शंखनाद के लिए तो है ही वहीं पिछले लोकसभा चुनाव में हारी हुई सीटों को जीतने के लिए बनाए गए भाजपा के विशेष प्लान 144 के लिए भी है। पिछले साल से ही भाजपा ने लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी थी। जिसमें उन सीटों को जिसे भाजपा पहले जीत चुकी है या कम अंतर से जहां 2019 आम चुनाव में हार हुई थी उसे चिन्हित किया गया था। इसके बाद उन लोकसभा की जिम्मेदारी केन्द्रीय मंत्रीमंडल के सदस्यों को दे दी गई। इसी के तहत केंद्रीय ग्रामीण विकास व राज्य मंत्री गिरिराज सिंह भी पहले दौरा कर चुके हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर गुरुवार को प्रदेश भाजपाध्यक्ष सांसद अरूण साव ने प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य विकास महतो, निगम में प्रतिपक्ष के नेता हितानंद अग्रवाल, जिला भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह, गोपाल मोदी सहित अन्य नेताओं के साथ सभास्थल इंदिरा स्टेडियम मैदान का अवलोकन किया। बाद में उन्होंने भाजपा कार्यालय में पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ चर्चा की। जिला प्रशासन व पुलिस भी शाह के दौरे की तैयारियों में जुटा हुआ है। आगामी नवंबर माह में राज्य विधानसभा का चुनाव होना है। एक भाजपा नेता ने कहा कि राज्य विधानसभा चुनाव का शंखनाद एक तरह से गृहमंत्री शाह कोरबा से करेंगे। यह तो आम जानकारी में है, किंतु उनका यह दौरा लाेकसभा चुनाव की तैयारी के दृष्टिकोण से भी है। पिछले वर्ष जून माह में गृहमंत्री शाह के साथ भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा व वरिष्ठ पार्टी नेताओं की बैठक हुई थी। जिसमें 2019 में हारी हुई सीटों या जहां पहले जीत मिल चुकी है उन्हें फिर से जीतने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई। जिसके तहत 144 लाेकसभा सीटों को चिन्हांकित किया गया। उन सीटों पर खास तैयारियां भाजपा कर रही है, जहां हार का अंतर 50 हजार के आसपास है। इनमें छत्तीसगढ़ की कोरबा व बस्तर लोकसभा सीट भी शामिल है। कोरबा लोकसभा सीट कांग्रेस की ज्योत्सना चरणदास महंत ने करीब 26 हजार वोट से जीती थी। वहीं बस्तर से भी कांग्रेस के दीपक बैज करीब 52 हजार वोट से जीते थे। इन दोनों ही सीट पर 2014 के चुनाव में भाजपा को जीत मिली थी। बस्तर सीट तो लगातार 6 बार जीतने के बाद भाजपा को 2019 में हार मिली थी। यूं दोनों ही सीटों पर भाजपा का खास फोकस है। अभी धर्मांतरण व आरक्षण के मुद्दे को लेकर भाजपा बस्तर में सक्रिय है।

क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों ने बनाई विशेष रिपोर्ट
पहले चरण में गृहमंत्री अमित शाह ने खुद ही देश की ऐसी सीटों पर खुद दौरा व सभा करने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ के रायपुर वे झारखंड के सिंहभूम लोकसभा के चायबासा में सभा करने के बाद आ रहे हैं। सिंहभूम में पिछले विधानसभा चुनाव में सभी 5 विधानसभा सीट हारे थे और लोकसभा में भी हार मिली थी। इसके अलावा आदिवासी आरक्षित सीटों पर भी विशेष नजर है। शाह के अलावा प्लान 144 के तहत पीएम सबसे ज्यादा करीब 40 सीटों पर मेगा रैली करेंगे। अन्य सीटों पर अमित शाह, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह सहित केन्द्रीय मंत्री रैली करेंगे और समय-समय पर दौरे पर रहेंगे। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि प्लान 144 के तहत इन सीटों की भौगोलिक स्थिति, राजनैतिक मुद्दों, जनसंख्यिकीय, आर्थिक व जातिगत डाटा लेकर संगठन काम कर रहा है। क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल, प्रदेश संगठन मंत्री पवन साय ने सभी विधानसभा क्षेत्रों की बैठक लेकर एक रिपोर्ट तैयार की है। जिसे शाह सहित वरिष्ठ नेताओं को दिया जाएगा। कोरबा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोरबा, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-बैकुंठपुर-सोनहत, सूरजपुर जिले से बड़ी संख्या में शाह की रैली में लोगों को जुटाने की जिम्मेदारी वहां के नेताओं को दी गई है।

ये है कोरबा लोकसभा सीट का गणित
कोरबा लोकसभा 2008 में अस्तित्व में आई। यहां पहला चुनाव 2009 में हुआ। जिसमें कांग्रेस के डॉ. चरणदास महंत जीते। यूपीए सरकार में वे केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री भी रहे। उनसे हार का सामना करने वाले डॉ. बंशीलाल महतो ने 2014 के चुनाव में उन्हें 4265 वोटों से हरा दिया। 2019 जब देश में मोदी लहर चरम पर थी तब कोरबा लोकसभा भाजपा हार गई। भाजपा के ज्योतिनंद दुबे को चरणदास महंत की पत्नी ज्योत्सना महंत ने लगभग 26 हजार वोटों से हरा दिया। कांग्रेस की यह जीत पाली-तानाखार में 60 हजार से अधिक वोटों से मिली लीड के कारण संभव हुई। वहीं रामपुर, कटघोरा व मरवाही से भी लीड मिली थी। किंतु कोरबा लोकसभा के कोरबा, कोरिया जिले में स्थित भरतपुर-सोनहत, बैकुंठपुर व मनेन्द्रगढ़ में कांग्रेस कुछ इस तरह से शुरूआती दौर में पिछड़ी थी कि ज्योतिनंद दुबे को हार पहनाकर भाजपा ने कोरिया में जीत के लड्डू भी बांट दिए थे। सबसे बड़ी लीड करीब 39 हजार वोट की कोरबा विधानसभा सीट में भाजपा को मिली थी। दिलचस्प बात यह है कि 6 माह पहले ही 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कोरबा लोकसभा की 8 विधानसभा में से केवल रामपुर में ही भाजपा के ननकीराम कंवर जीते थे।