कोरबा

नए टीपीनगर की कल्पना से पहले खरीदी गई थी जमीन- गाेपाल माेदी, वाे काेई और नवीन पटेल है- नवीन पटेल

बरबसपुर जमीन विवाद: भाजपा नेताओं ने प्रेस वार्ता में रखा अपना पक्ष, कहा-दिवंगत परिजनाें के नाम पर राजनीति करना उचित नहीं, आराेप लगाने वाले कांग्रेसी मांगे माफी

 

काेरबा। नया ट्रांसपोर्ट नगर बसाने के लिए जमीन काे लेकर प्रशासन द्वारा बरबसपुर की बजाए झगरहा में जमीन तलाशने के बाद से शुरू हुआ प्रकरण लगातार नए माेड़ लेता जा रहा है। कांग्रेस और भाजापा के बीच कभी ऊँट इस करवट ताे कभी उस करवट की तर्ज पर नए-नए खुलासे हाे रहे हैं। राजस्व मंत्री के परिवार व करीबियाें की जमीन बरबसपुर में हाेने के दस्तावेज सामने आने के बाद कांग्रेस के नेताओं ने वहां भाजपा नेता गाेपाल माेदी व नवीन पटेल की जमीन हाेने का दावा किया था। इसके बाद आमजन के बीच कई तरह की धारणा बनती जा रही थी। शनिवार काे काेरबा प्रेस क्लब के तिलक भवन में प्रेस वार्ता लेकर भाजपा नेताओं ने अपना पक्ष रखते हुए स्थिति स्पष्ट की।                  गाेपाल माेदी जाे पार्टी के जिला काेषाध्यक्ष भी है उन्हाेंने कहा कि बरबसपुर को लेकर उत्पन्न विवाद में दुर्भावनावश उनका नाम जोड़कर प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाया गया है। 7 वर्ष पूर्व दिवंगत हो चुके पिता और 15 वर्ष पूर्व दिवंगत हो चुकी माता के नाम को विवाद में जोड़ दिया गया है जो कि घोर आपत्तिजनक और निंदनीय है। कांग्रेस की विज्ञप्ति में खसरा नंबर 233/1, 243/2, 233/3 की जिस जमीन का उल्लेख किया गया है, वह 20 वर्ष पूर्व मेरे पिताजी ने खरीदी थी। उस समय नया ट्रांसपोर्टनगर बरबसपुर में बसाने का कोई कल्पना भी नहीं की गई थी। वहीं जमीन प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर से 2 से 3 किलोमीटर दूर है। इस प्रकरण में गलत तरीके से नाम उछालने वाले सार्वजनिक रूप से माफी मांगे ताे ठीक नहीं ताे मानहानि का दावा ठाेकेंगे।

इसी तरह भाजपा के वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन पटेल ने कहा कि उनका नाम उछाला जा रहा है जबकि उनके नाम से काेरबा में काेई जमीन नहीं है। बरबसपुर में जिसकी जमीन है वह काेई दूसरा नवीन पटेल है। कांग्रेस पार्टी के लाेग जिस तरह से चुनाव में हमनाम का फायदा उठाते हैं वैसे ही इस प्रकरण में भी फायदा उठाने और भाजपा काे बदनाम करने की काेशिश की जा रही है।

प्रेस वार्ता में उपस्थित प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष लखनलाल देवांगन, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पूर्व महापौर जोगेश लांबा और पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष अशाेक चावलानी ने भी बात रखते हुए कहा कि खुद के बचाव के लिए सत्तापक्ष के द्वारा दिवंगत लोगों के नाम पर राजनीति किए जाने को लेकर कहा कि इस तरह से राजनीति करना हल्का प्रदर्शन है। भाजपा दिवंगत लोगों का नाम इस तरह से बेवजह सार्वजनिक किए जाने पर घोर निंदा करता है और नाम उजागर करने वालों को सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करनी चाहिए।