कोरबा

कोरबा में सरकारी जमीनों पर राखड़ पाटकर किया जा रहा है कब्जा-अवैध कब्जे के खेल के पीछे मंत्री के करीबियों का हाथ, भू माफियाओं को शह: लखन लाल देवांगन

कोरबा। कोरबा में शहरी व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रमुख रूप से मुख्य मार्गो के किनारे स्थित सरकारी जमीन पर राखड़ पाटकर बेजा कब्जा करने का खेल चल रहा है। खेल के पीछे राजस्व मंत्री के करीबियों का हाथ है, इसलिए प्रशासन कार्यवाही भी नहीं कर रही है। जबकि आम आदमी बेजा कब्जा की जमीन पर परिवार के लिए झोपड़ी बनाने का प्रयास भी करें तो कार्यवाही कर दी जाती है।

उक्त बात कोरबा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी लखन लाल देवांगन ने कही। उन्होंने कहा कि शहर के बाहर या भीतर जमीन पर राख इसीलिए पाटे जा रहे हैं क्योंकि जमीन पर कब्जा करते बने, कई जगह पर निजी जमीन से लगी सरकारी ज़मीन पर राख पाटा गया, क्योंकि जमीन का रकबा बढाया जा सके। लखन ने कहा की 5 साल में राजस्व मंत्री एक दो बार राखड को लेकर तभी तल्खी दिखाई जब उनके मंसूबे पर अधिकारी पानी फेर देते थे। राखड़ पटने के बाद दबाव बनाकर जमीनों को निजी करने का खेल 5 साल में खूब चला है। लखन ने कहा की मंत्री ने शहर वासियों को प्रदूषण के बीच छोड़कर जमीनों पर कब्जा करने का खेल खेलते रहे। मंत्री जब अपने ही विभाग से इस कारनामे पर नियंत्रण नहीं है, आखिर इस खेल के पीछे की कहानी क्या है की, मंत्री ने 5 साल में राख से मुक्ति के लिए कभी धरना नहीं दिया। राखड़ परिवहन के चक्कर में सड़कों का भी बुरा हाल हो रहा है, जगह जगह गड्‌ढे हो रहे हैं तो उड़ने वाले राखड़ व धूल से राहगीर परेशान है। सड़कों के किनारे निवासरत लोगों का जीना मुहाल हो गया है। दिवाली में भी उनके घर धूल के कारण बदरंग हो चुके हैं। प्रदूषण के कारण लोग बीमार हो रहे हैं।