छत्तीसगढ़

कोरबा में एक गांव ऐसा भी…शराब समेत पकड़े जाने पर चुकाने पड़ते है 10 हजार रुपए, मुखबिरी के मिलते है 5 हजार

निजात अभियान का पॉजिटिव असर: सलोरा गांव में शराबबंदी लागू, कटघोरा टीआई अश्वनी राठौर की पहल रंग लाई, निजात अभियान से प्रेरित हुआ पंचायत 

काेरबा। नशा सेहत के साथ ही घर, परिवार और समाज के लिए नुकसानदायक है। नशे की आगोश में आकर युवा पीढ़ी बिगड़ रही है और अपराध की ओर बढ़ रही है। पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के निजात अभियान में यही सच्चाई बताई जाती है। करीब 4 माह से चल रहे निजात अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का असर अब दिखने लगा है। जागरूक होकर लोग नशे से दूर होने का संकल्प लेने लगे है। अभियान को निजात अभियान को समाज में सबसे बड़ी सफलता कटघोरा के सलोरा गांव में मिली है जहां पंचायत में शराबबंदी की घोषणा कर दी साथ ही शराब पीने बेचने और खरीदने वालों पर अर्थदंड भी लगाना शुरू कर दिया है। शराब बेचने-खरीदने एवं पिलाने वाले पर 10-10 हजार और सार्वजनिक जगह पर पीने वाले पर 5 हजार रुपए दंड लगाया जाएगा। वही शराब से जुड़ी सूचना देने पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित है। पंचायत ने पुलिस के निजात अभियान से प्रेरित हाेकर यह कदम उठाया है।

दरअसल जिले के कटघाेरा विकासखंड के ग्राम पंचायत सलाेरा में बड़ाें के साथ ही बच्चे भी शराब के नशे की गिरफ्त में आ गए है। नशे की वजह से गांव से लगभग रोज दिन मारपीट, गाली-गलाैच का मामला कटघाेरा थाना पहुंचता है। कटघाेरा थाना प्रभारी निरीक्षक अश्वनी राठाैर ने वहां नशे के कारण हाेने वाले अपराध पर राेकथाम के लिए 3 सप्ताह पहले निजात अभियान के तहत कैंप लगाया। जहां ग्रामीणाें काे एसपी संताेष सिंह द्वारा चलाए जा रहे निजात अभियान के बारे में जानकारी दी। साथ ही ग्रामीणाें काे नशामुक्ति के लिए अभियान में शामिल हाेने प्रेरित किया। पंचायत के लोग निजात अभियान से प्रेरित हुए और चंद दिनों में ही उन्होंने गांव को नशा मुक्त बनाने के लिए शराब बंदी लागू कर दी।

18 नवंबर को निजात जागरूकता शिविर लगाकर ग्रामीणों को प्रेरित करते कटघोरा टीआई अश्वनी राठौर

 

सामाजिक कार्यक्रम में भी नशे पर प्रतिबंध

शराबबंदी गांव में पूरी तरह प्रभावी हो इसके लिए पंचायत ने गांव में होने वाले शादी, छठी, सगाई समेत अन्य सामाजिक कार्यक्रम में भी शराब खोरी पर प्रतिबंध लगाया है क्योंकि ऐसे कार्यक्रम में रिवाज के बहाने अब शराबखोरी खुलकर की जाती है। पंचायत में ऐसा करान वाले आयोजक पर 10 हजार रुपए अर्थदंड तय किया है। वही ग्राम में आयोजित होने वाले सभा में नशे में पहुंचकर उत्पात मचाने वालों पर भी गाज गिरेगी। 

नशे के चलते गांव में नहीं हो पा रहा है विकास

ग्राम पंचायत सलोरा की महिला सरपंच महेश्वरी तंवर ने बताया कि गांव में नशे के कारण विकास नहीं हो पा रहा है। बड़े तो पहले ही शराब पीकर बिगड़ चुके हैं। अब बच्चे भी नशे के आदी होते जा रहे हैं। इस वजह से आए दिन मारपीट झगड़ा आम बात हो गई है। सभी परिवार परेशान है। इसलिए कटघाेरा पुलिस की मदद से गांव काे पूरी तरह नशामुक्त करने का बीड़ा उठाया गया है। इसके लिए महिला समूह का गठन किया गया। जिसमें गांव के 35 महिला शामिल है। उन्हें अलग-अलग 3 माेहल्ले में निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। 

 

पंचायत का सराहनीय प्रयास, बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहेगा

कटघाेरा थाना प्रभारी निरीक्षक अश्वनी राठाैर के मुताबिक निजात अभियान के तहत पिछले दिनों सलाेरा पंचायत में बैठक लेकर ग्रामीणाें काे नशे के खिलाफ जागरूक किया गया था। पंचायत ने सराहनीय कदम उठाते हुए गांव में शराब पर प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिस द्वारा पंचायत को सहयोग किया जा रहा है। कई अन्य गांव में भी शराबबंदी के लिए तैयारी चल रही है।