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विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास भी दिया – मुखर्जी

डीएवी खरमोरा, कोरबा में कक्षा बारहवीं का गरिमामयी विदाई समारोह आयोजित

कोरबा।जहाँ वर्षों की मेहनत, अनगिनत यादें, शिक्षकों का स्नेह, मित्रता की मजबूत डोर और भविष्य के सुनहरे सपने एक साथ जुड़ते हैं, वहीं डीएवी खरमोरा, कोरबा में कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों ने अपने प्रिय विद्यालय से नम आँखों और आशाओं से भरे हृदय के साथ विदा ली।
विद्यालय में कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य, गरिमामय एवं अत्यंत भावनात्मक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह समारोह केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावनाओं, संस्कारों और स्मृतियों से सजा एक अविस्मरणीय पल बन गया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के मुख्य द्वार पर कक्षा ग्यारहवीं के विद्यार्थियों द्वारा सीनियर्स के पारंपरिक तिलक एवं आरती से स्वागत के साथ हुई। मुस्कुराते चेहरों और स्नेह भरे शब्दों के बीच बारहवीं के विद्यार्थियों का विद्यालय परिसर में प्रवेश हुआ, जिसने हर उपस्थित व्यक्ति का मन छू लिया।

इसके बाद ग्यारहवीं के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, मनोरंजनात्मक खेल और रोचक गतिविधियों ने पूरे वातावरण को उल्लास से भर दिया। नृत्य, संगीत और हास्य से भरपूर प्रस्तुतियों ने सीनियर विद्यार्थियों को अपने विद्यालय जीवन की मधुर स्मृतियों में लौटा दिया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य हेमंतो मुखर्जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय ने बच्चों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास भी प्रदान किया है। यही गुण उन्हें जीवन में एक अच्छा इंसान बनाए रखेंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं और स्मृति-चिन्ह भेंट कर उन्हें सदैव विद्यालय से जुड़े रहने का संदेश दिया।
विदाई समारोह का मुख्य आकर्षण मिस फेयरवेल एवं मिस्टर फेयरवेल का चयन रहा। मिस फेयरवेल का खिताब मेघा केसरवानी को प्रदान किया गया, जबकि मिस्टर फेयरवेल का सम्मान संजय सिंह को मिला। दोनों का चयन छात्रों एवं शिक्षकों की संयुक्त सहमति से किया गया।
कार्यक्रम के दौरान कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों ने मंच से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्होंने विद्यालय में अपने जीवन के चौदह अमूल्य वर्ष बिताए हैं और यह संस्थान उनके लिए केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि एक परिवार के समान रहा है। उन्होंने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम के अंतिम क्षण अत्यंत भावुक रहे। विद्यालय से विदा लेते समय कई विद्यार्थियों की आँखें नम थीं। मित्रों से बिछड़ने और यादों को पीछे छोड़ने का भाव सभी चेहरों पर साफ झलक रहा था। यह विदाई समारोह विद्यालय परिवार के लिए एक अविस्मरणीय स्मृति बन गया।

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