अब खराब धान लौटाकर साफ धान की ही होगी खरीदी, खरीदने से पहले भौतिक सत्यापन का निर्देश

News by: हरेंद्र डिक्सेना, जिला ब्यूरो चीफ, जयवीरू न्यूज
कोरबा। चर्चा में रहने वाले नाप-तौल विभाग के निरीक्षक पाल सिंह डहरिया पर किसान के रूप में पाखड़ (खराब) धान बेचने का आरोप लगा है। इसका बकायदा पंचनामा भी बना है। मामला धान मंडी निरीक्षण करने पहुंचे तहसीलदार ने पकड़ा है। खराब धान लौटाकर उन्हें संशोधित दिनांक को साफ धान बेचने का निर्देश दिया गया है।

जिले के धान मंडियों में धान खरीदी का दौर चल रहा है। अवैध व खराब धान की खरीदी रोकने और वैध किसानों का धान बिक्री हो इसके लिए प्रशासनिक अमला निरंतर कार्य कर रहा है। इस बीच कोरबा जिले में पदस्थ नाप-तौल विभाग के निरीक्षक पाल सिंह डहरिया 129 क्विंटल धान बेचने दादरखुर्द धान मंडी पहुंचे थे। धान मंडी में धान नपवाकर वे चले गए।

दोपहर करीब 12 बजे धान मंडी निरीक्षण करने तहसीलदार दीपक कुमार पटेल, नायब तहसीलदार और अन्य अधिकारी कर्मचारी पहुंचे। निरीक्षण के दौरान पाल सिंह डहरिया के 129 क्विंटल धान को देखकर तहसीलदार पटेल अचानक रुक गए। समिति प्रबंधन से पूछने पर बताया गया कि धान अभी पहुंचा है बोरी में भरने की कार्यवाही चल रही है।

तहसीलदार ने धान में पाखड़ धान की मात्रा अधिक होने की वजह से पंचनामा बना कर धान वापस करने और संशोधित तारीख में पुनः टोकन कटवाने आदेश दिया। संशोधित तारीख से पहले पाल सिंह डहरिया के धान का भौतिक सत्यापन के बिना धान खरीदी नहीं करने और किसानों के धान की जांच के बाद खरीदने को समिति प्रबंधन को आदेशित किया है। पाल सिंह डहरिया को सख्त हिदायत दी गई कि इस प्रकार का खराब धान लेकर नही आए साफ धान बिक्री को लेकर आने कहा है।

तहसीलदार दीपक कुमार पटेल ने मौके मुआयना पर धान खरीदी केंद्र में किसी प्रकार की अनियमितता या किसानों को असुविधा नहीं होना और खरीदी पूर्ण पारदर्शिता के साथ होना बताया है। समिति में पर्याप्त मात्रा में बरदाना, तिरपाल, धान की नमी और किसानों से धान बिक्री की वजन के साथ आवश्यक जरूरतों के संबंध में बातचीत की। इस दौरान किसानों ने धान बिक्री को लेकर पूरी जानकारी तहसीलदार के समक्ष रखी जिस पर तहसीलदार ने धान मंडी समिति के प्रबंधकों से नियम विरुद्ध कार्य नहीं करने और समय पर किसानों को टोकन उपलब्ध कराने और खरीदी करने आदेशित किया।
ब्रेकिंग न्यूज: धान खरीदी की लिमिट बढ़ी

आज से पूरे प्रदेश में धान उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की लिमिट 452 क्विंटल प्रतिदिन से बढ़ाकर 700 क्विंटल प्रतिदिन किया। इस तरह धान खरीदी की लिमिट बढ़ने का लाभ किसानों को मिलेगा जो पहले से अधिक धान बेच सकेंगे।
