दीपका बनेगा छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति का रंगमंच: लोक नृत्य महाकुंभ में कलाकारों का महासंगम, पुरस्कारों की बरसात”
कोरबा।औद्योगिक नगरी दीपका की फिजा 29 दिसंबर को छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर होगी। गौरव पथ संघर्ष समिति, दीपका के तत्वावधान में नगर पालिका क्षेत्र स्थित प्रतीक्षा बस स्टैंड परिसर में एक भव्य छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, नृत्य और संगीत का भव्य संगम देखने को मिलेगा।
लोकनृत्य प्रतियोगिताएं रहेंगी मुख्य आकर्षण

महोत्सव का मुख्य आकर्षण छत्तीसगढ़ की माटी से जुड़ी लोकनृत्य प्रतियोगिताएं होंगी। राउत नाचा, सुवा नाचा, पंथी, कर्मा और गेंडी नाचा की टीमें पारंपरिक वेशभूषा एवं लोक वाद्ययंत्रों के साथ अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी। लोकनृत्यों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।

आयोजकों द्वारा विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कारों की घोषणा की गई है।
राउत नाचा प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार ₹21,001, द्वितीय पुरस्कार ₹9,001
तथा तृतीय पुरस्कार ₹5,001 रखा गया है। वहीं सुवा नाचा एवं गेंडी नाचा प्रतियोगिता में
प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को ₹11,001 का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा सभी प्रतिभागी दलों को प्रोत्साहन स्वरूप सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
रैली और महाआरती से होगा शुभारंभ
महोत्सव का शुभारंभ सुबह 10:30 बजे छत्तीसगढ़ महतारी की भव्य रैली के साथ होगा। इसके पश्चात दोपहर 2:00 बजे महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन तथा बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल होंगे। रैली नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए आयोजन स्थल तक पहुंचेगी, जिससे पूरे नगर में उत्सव का माहौल बनेगा।
इन संगठनों का मिल रहा है सहयोग
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (गेवरा–दीपका–कुसमुंडा इकाई) सहित समस्त ड्राइवर एवं मजदूर संघों का विशेष सहयोग मिल रहा है। आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे इस ‘सांस्कृतिक महाकुंभ’ में शामिल होकर छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन में अपना योगदान दें।


