इन 4 नंबरों से आए कॉल-मैसेज बन सकते हैं बड़ा खतरा, ऐसे नंबर से आने वाले कॉल या मैसेज को करें इग्नोर,सरकार ने किया अलर्ट
नई दिल्ली।डिजिटल युग में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग, UPI पेमेंट और निजी जानकारी सब कुछ मोबाइल में ही होता है। लेकिन इसी का फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं। हाल ही में भारत सरकार और साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ इंटरनेशनल और वर्चुअल नंबरों से आने वाले कॉल व मैसेज को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है।

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के मुताबिक कुछ खास कोड से शुरू होने वाले नंबरों से आने वाले कॉल या मैसेज में खतरनाक मालवेयर लिंक हो सकते हैं। जैसे ही यूजर उस लिंक पर क्लिक करता है, फोन में वायरस इंस्टॉल हो जाता है और साइबर ठग मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लेते हैं।

I4C ने जिन नंबरों को बताया संदिग्ध:
🔹 +92 – पाकिस्तान का आईएसडी कोड, WhatsApp पर फर्जी लिंक भेजे जाते हैं
🔹 +855 – VoIP आधारित नंबर, ट्रैक करना मुश्किल
🔹 +86 – वर्चुअल नंबर, फ्रॉड में इस्तेमाल
🔹 +880 – इंटरनेट से जनरेट नंबर, ठगी के मामलों में उपयोगइन नंबरों से भेजे गए मैसेज में कभी KYC अपडेट, कभी बैंक अकाउंट बंद होने की चेतावनी, तो कभी लॉटरी या इनाम का लालच दिया जाता है।
कैसे होता है साइबर फ्रॉड?
जैसे ही कोई व्यक्ति ऐसे मैसेज में आए लिंक पर क्लिक करता है, उसके फोन में छिपा हुआ वायरस एक्टिव हो जाता है। यह वायरस मोबाइल में मौजूद बैंकिंग ऐप्स, UPI, पासवर्ड और निजी डेटा तक पहुंच बना लेता है।
कैसे रहें सुरक्षित:
✔️ अनजान इंटरनेशनल नंबर से आए कॉल या मैसेज को इग्नोर करें
✔️ किसी भी लिंक पर बिना जांचे क्लिक न करें
✔️ बैंक या सरकारी एजेंसियां कभी लिंक भेजकर जानकारी अपडेट नहीं करवातीं
✔️ Play Store के बाहर से कोई ऐप इंस्टॉल न करें
✔️ मोबाइल में सिक्योरिटी अपडेट चालू रखें
अगर ऐसा कॉल या मैसेज आए तो क्या करें?
📞 साइबर क्राइम हेल्पलाइन – 1930
🌐 ऑनलाइन शिकायत – cybercrime.gov.in
📱 संचार साथी पोर्टल या ऐप पर नंबर रिपोर्ट करें
👉 सरकार और साइबर एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत कार्रवाई करें।


