चाैथी की छात्रा बनी एक दिन की थानेदार…चार्ज संभालते ही पूछी हमारे स्कूल की छुट्टियां हाेती है, आपकी छुट्टी नहीं हाेती क्या
बाल दिवस पर पुलिस का अभिनव प्रयास, सुपेला थाना प्रभारी बनाया गया, कराया गया थाना विजिट, बच्चाें काे दी गई पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी, बड़ी होकर आईपीएस बनना चाहती है बच्ची

छत्तीसगढ़। दुर्ग जिले के सुपेला थाना में साेमवार काे चाैथी कक्षा की छात्रा काे एक दिन का थानेदार बनाया गया… इसकी वजह छात्रा काे काेई गंभीर बीमारी या छात्रा के वीआईपी परिवार की बेटी हाेना.. ऐसा कुछ भी नहीं, बल्कि बाल दिवस पर पुलिस का अभिनव प्रयास था।

बच्चाें काे पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी मिले और भविष्य में वे जिम्मेदार नागरिक बने इसके लिए पुलिस ने सरकारी स्कूल सुपेला व शिया पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओ काे बाल दिवस के अवसर पर थाना भ्रमण कराया गया। जहां थाना में हाेने वाले प्रतिदिन के कार्य, कक्ष समेत भादवि के अपराध, सायबर अपराध के बारे में बताया गया। गुड टच-बैड टच, आत्मरक्षा, भविष्य निर्माण के संबधं में भी जानकारी दी गई। इस दाैरान हमर बेटी हमर मान के तहत 10 वर्षीय कक्षा चाैथी की छात्रा कु. सृष्टि वर्मा काे एक दिन का थानेदार बनाया गया। इस दाैरान माैजूद पुलिस अधिकारी व कर्मचारियाें ने बाल थाना प्रभारी का स्वागत किया।

बच्ची ने थाना प्रभारी का चार्ज संभालते ही पुलिस वालाें से मासूमियत से सवाल पूछा कि हमारे स्कूल की छुट्टियां हाेती है, आपकी नहीं हाेती क्या। बाल दिवस के अवसर पर थाना परिसर में कार्यक्रम का आयाेजन किया गया। जिसमें बच्चाें द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की राजकीय गीत “अरपा पैरी के धार” समेत कविता-पाठ व छत्तीसगढी गीत की प्रस्तुती दी गई। कार्यक्रम के दाैरान नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर निखिल राखेचा, थाना प्रभारी सुपेला दुर्गेश शर्मा, महिला रक्षा टीम की सहायक उप निरीक्षक संगीता मिश्रा एवं थाना सुपेला के समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।
