राजनीति

कोरबा में सेठ को नहीं, भूमिपुत्र लखन को जिताकर विधायक बनाएं, इनका राजनीति भविष्य उज्जवल है: अमित शाह

कोरबा। विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रचार के आखिरी दिन और आखिरी बार केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोरबा के घंटाघर मैदान में जनसभा ली। इस दौरान उन्होंने गरजते हुए बिना किसी का नाम लिए कहा कि जब सेठ विधायक थे तब घोटाले का दायरा सिर्फ कोरबा होता था, जब ये राजस्व मंत्री बने तब से घोटाले का दायरा पूरे प्रदेश तक पहुंच गया।
अमित शाह ने आगे कहा कि कोरबा की जनता इस बार सेठ जी को नहीं ब्लकि भूमिपुत्र लखनलाल देवांगन को जिताने जा रही है। हमनें जब लखन का टिकट फाइनल किया था तब उन लोगों ने कहा कि ये कैसे लड़ेंगे। अमित शाह ने कहा कि हम कोरबा की जनता का मन पहले ही भांप गए थे कि उनको सिर्फ लखन चाहिए। लखन कोरबा के भूमिपुत्र हैं। उन्होंने कोरबा के विकास के लिए अहम योगदान दिया है। सौम्य और सरल, सहज चेहरा और जनता के बीच अपनी जबरदस्त पकड़ बना चुका है। अमित शाह ने कहा कि कोरबा की जनता इस बार अपने सामान्य भाई को जिताने वाले हैं। सेठ जी ने मेडिकल कॉलेज को भी रोकने का प्रयास किया था। वो तो भला हो मोदी जी का जिसने सभी लोकसभा में एक-एक मेडिकल कॉलेज बनाने की सौगात दी। अमित शाह ने कोरबा विधानसभा क्षेत्र से लखन लाल देवांगन को जिताने की अपील करते हुए कहा कि कोरबा की जनता इस बार लखन लाल देवांगन को अपना विधायक बनाएगी। लखन के विधायक बनने के बाद इनका राजनीतिक भविष्य उज्जवल रहेगा इसकी गारंटी मेरी है। लखन जैसा विधायक मिलेगा तो कोरबा का विकास होगा।

अमित शाह का विधानसभा चुनाव का शंखनाद भी और अंत कोरबा विधानसभा क्षेत्र के शहर से 
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव का शंखनाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोरबा से ही किया था। इस साल जनवरी महिने में उन्होंने कोरबा के ट्रांसपोर्टनगर स्थित इंदिरा स्टेडियम परिसर में जनसभा लेकर विधानसभा चुनाव में परिवर्तन की बात कही थी। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर जमकर हमला किया था। भाजपा पदाधिकारियों की बैठक लेकर जरूरी निर्देश भी दिया था। वहीं आज विधानसभा चुनाव के प्रचार के लिए तय आखिर दिन में कोरबा पहुंचकर प्रचार प्रसार का अंत भी किया। अमित शाह के इस तरह कोरबा विधानसभा क्षेत्र में फोकस किए जाने से साफ है कि भाजपा का हाईकमान किसी भी हाल में इस सीट पर जीत हासिल करना चाहता है। दूसरी ओर कोरबा में कांग्रेस के बड़े नेता के नहीं आना चर्चा का विषय बन गया है।