थानेदार के सामने गुंडागर्दी करने पर ठेका कंपनी के संचालक उमेंद्र सिंह तोमर सहित उनके कारिंदों पर पुलिस ने की कड़ी कार्यवाही, मामूली केस की तरह जमानत देने पर तहसीलदार को कलेक्टर ने किया “ऑफिस अटैच”

कोरबा। थानेदार के सामने गुंडागर्दी करते हुए मारपीट करने वाले एक ठेका कंपनी के संचालक समेत उनके कारिंदों पर बलवा के अलावा प्रतिबंधात्मक कार्यवाही पुलिस ने की। गंभीर मामला होने पर कड़ी कार्यवाही के बजाए सामान्य मामलों की तरह कार्यपालिका दंडाधिकारी ने आरोपियों का जमानत दे दी। मामले की जानकारी जैसे ही कलेक्टर सौरभ कुमार को हुई उन्होंने गंभीरता दिखाते हुए तहसीलदार को ऑफिस अटैच कर दिया।
मामला कुसमुंडा थाना से जुड़ा है। जहां कल कुसमुंडा खदान में नियोजित व चर्चित एमपीटी कंपनी के संचालक उमेंद्र सिंह तोमर ने अपने कारिंदों तेज प्रताप, कमलेश, शैलू सिंह व अन्य के साथ मिलकर भूविस्थापितों से मारपीट की थी। उमेंद्र सिंह तोमर ने पुलिस के सामने पुलिस के बड़े अधिकारी का करीबी होने का धौंस दिखाते हुए ऐसा किया था। थाना से पहले खदान क्षेत्र में भी भूविस्थापितों से मारपीट की गई थी। कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने की कोशिश करने वाले उमेंद्र सिंह तोमर समेत उनके कारिंदों के खिलाफ कुसमुंडा थाना में धारा 294, 323, 506, 353, 147, 149, 186 भादवि के तहत अर्थात बलवा का अपराध दर्ज किया गया है। इसके अलावा आरोपियों पर अलग से धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई थी। आरोपियों को कार्यपालिक दण्डाधिकारी, दीपका के समक्ष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। गुंडागर्दी करते हुए रोजगार की मांग कर रहे भूविस्थापितों से मारपीट व भी पुलिस थाना में थानेदार के सामने करने जैसा बेहद गंभीर मामले को सामान्य मामले की तरह कार्यपालिक दण्डाधिकारी ने लिया। सभी को तत्काल जमानत दे दी गई। चर्चा रही कि कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाले उमेंद्र सिंह तोमर के मालदार होने और ऊंची पहुंच का लाभ जमानत में मिला। इसकी जानकारी होने पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सौरभ कुमार ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से आदेश जारी कर तहसीलदार दीपका विनय कुमार देवांगन को प्रशासनिक व्यवस्था दृष्टिकोण से हटाते हुए ऑफिस अटैच करने का आदेश जारी किया। देखें आदेश…
