कोरबा

निर्दलीय प्रत्याशी ने लिया नाम वापस, बोले राजस्व मंत्री के विकास कार्य से प्रभावित, बदला मन अब करेंगे उनके लिए प्रचार 

कोरबा। कोरबा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में एसआर अंचल ने नामांकन भरा था। लेकिन इसके बाद नाम वापसी का मौका होने पर अंचल ने अपना मूड बदलते हुए नाम वापस लेते हुए कांग्रेस को अपना समर्थन दे दिया है। अंचल ने कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर राजस्व मंत्री और कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों से प्रभावित होकर ऐसा करना बताया। अंचल के मुताबिक उन्होंने कांग्रेस को अपना समर्थन दिया है। आगे वे अपने कार्यकर्ताओं व समर्थकों के साथ जयसिंह अग्रवाल के पक्ष में प्रचार करेंगे।

विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम अवधि 30 अक्टूबर थी। उक्त तिथि तक चुनाव लड़ने के लिए सभी उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। अब नाम वापसी का मौका है। नाम वापस लेने वालों के बाद 2 नवंबर की शाम तक मैदान में बचे उम्मीदवारों की सूची फाइनल हो जाएगी। जिले के चारों विधानसभाओं में सबसे ज्यादा उम्मीदवार कोरबा विधानसभा से चुनाव लड़ने के इच्छुक है। उनमें से एक एसआर अंचल भी थे। जो खास तौर पर सतनामी समाज में अच्छी खासी पैंठ रखते हैं। उन्होंने समर्थकों के साथ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में कोरबा विधानसभा से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन भरा था। लेकिन अब मतदान के पहले, नाम वापसी के दौरान ही उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया है और जय सिंह अग्रवाल को समर्थन दे दिया है।

कोरबा में विकास कार्यों को देखा हुआ प्रभावित : अंचल 

एसआर अंचल के मुताबिक कोरबा में लगातार विकास के कार्य हो रहे हैं। कांग्रेस सरकार की जनकल्याणकरी योजनाओं को जनता तक पहुंचने में जयसिंह अग्रवाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वह खुद भी काफी सक्रिय रहते हैं। उनकी कार्यशाली भी बेहद सकारात्मक रही है। पहले सड़क का हाल खराब था आज चारों ओर सड़क का जाल बिछता जा रहा है। उनके नेतृत्व में कोरबा में लगातार विकास कार्य हुए हैं। जयसिंह अग्रवाल द्वारा किये गए कार्यों से प्रभावित होकर ही मैंने अपना नाम वापस लेने का निर्णय लिया है। मैंने अपना समर्थन कांग्रेस प्रत्याशी जयसिंह अग्रवाल को दिया है और आने वाले चुनाव में मैं अपने समर्थकों के साथ उनमें पक्ष में ही प्रचार करूंगा। मेरी और मेरे समर्थकों की ओर से कोरबा विधानसभा से कांग्रेस को हमारा नैतिक समर्थन है।