छत्तीसगढ़

नए ट्रांसपोर्ट नगर को झटका…कोल इंडिया के बाद पर्यावरण विभाग ने NOC देने से किया इंकार, जांच के लिए सचिव स्तर की समिति गठित

भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह ने राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल पर साधा निशाना, आप ने चोरभट्टी में नया ट्रांसपोर्ट नगर बसाने रखी मांग

कोरबा। बरबसपुर में नया ट्रांस्पोर्ट नगर बसाहट को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। दूसरी ओर नए ट्रांसपोर्ट नगर बसाने के सपने को भी लगातार झटका लग रहा है। पहले जहां प्रशासन ने बरबसपुर के बजाए झगरहा डूमरडीह के आसपास नए ट्रांसपोर्ट नगर को बसाने की प्रक्रिया शुरू की तो बखेड़ा खड़ा हो गया। अब एक बार फिर नया मोड़ आ गया है।  एसईसीएल (कोल इंडिया) ने पहले कोल बेयरिंग एरिया बताकर NOC नहीं दिया। इधर पर्यावरण विभाग ने भी बरबसपुर में इसके निर्माण को लेकर NOC देने से इंकार कर दिया है। आप ने भी पूर्व में प्रस्तावित चोरभट्ठी के पास की सरकारी जमीन को नए ट्रांसपोर्टनगर के लिए उपयुक्त बताया है। आप के लोकसभा अध्यक्ष विशाल केलकर ने उक्त विवाद रहित स्थल पर नया ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की मांग करते हुए जरूरत पड़ने पर आंदोलन को तैयार रहने की चेतावनी भी दे डाली। अब नया ट्रांसपोर्ट नगर का मामला उलझता जा रहा है।

 

इस बीच जिला भाजपा अध्यक्ष ने राजस्व मंत्री पर पलटवार करते हुए जमकर निशाना साधा है। उन्होने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारी बरबसपुर से ट्रांस्पोर्ट नगर को अन्यत्र बनाने का प्रस्ताव बना रहे है जो स्वागतेय है, लेकिन मंत्री जी किस व्यक्तिगत लाभ कि वजह से इसका विरोध कर रहे है यह समझ से परे है।

जिला भाजपा कार्यालय पं. दीनदयाल कुंज में जिलाध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह ने इस मामले में सीधे तौर पर राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल कि कार्य प्रणाली को लेकर अनेक प्रश्न उठाये। उन्होने आगे कहा कि पूर्व में मंत्री जी ने सभी विभाग से अनुमोदन मिलने के पश्चात् बरबसपुर में ट्रांस्पोर्ट नगर को बनाये जाने का निर्णय लिये जाने का राग अलाप रहे थे जबकि यह तथ्यहीन है क्योकि एस.ई.सी.एल. ने इस स्थल को कोल क्षेत्र होने का हवाला देते हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र देने से इंकार कर दिया है। उसका कहना है कि भविष्य में इस क्षेत्र में कोल उत्खनन तेजी से होगा ऐसे में निर्माण की अनुमति दे पाना संभव नही है। कुछ इसी तरह का हवाला पर्यावरण संरक्षण मंडल कोरबा जिला के क्षेत्रीय अधिकारी ने दिया है। उनका तर्क है कि केन्द्रीय प्रदुषण बोर्ड द्वारा बरबसपुर क्षेत्र के 200 से 500 मीटर की भूमि को विकास रहित क्षेत्र घोषित किया है। ऐसे में बफर जोन के आर-पास किसी तरह का निर्माण किया जाना नियमों का उल्लंखन है अतः इस क्षेत्र में प्रस्तावित टी.पी. नगर बनाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया जाना संभव नहीं है। जिलाध्यक्ष ने आगे कहा कि जिला प्रशासन सही तथ्यो को लेकर आगे बढ़ रहा है ताकि भविष्य में कोई विवाद ना हो ऐसे में मंत्री जी बाबसपुर में ही निर्माण कराने को लेकर जिद पर अड़े हैं क्योंकि इसमें उनका परिवार या मित्रों का लाभ दिख रहा है जबकि भाजपा उस स्थल पर निर्माण कराये जाने पर जोर दे रहा है जहां कि जमीन पर किसी तरह का विवाद ना हो और भविष्य में शासन किसी भी स्थल का चयन करती है तब उसका भी समर्थन किया जायेगा। इस दौरान महामंत्री संतोष देवांगन, जिला मंत्री संदीप सहगल मीडिया प्रभारी मनोज मिश्रा, मीडिया सह प्रभारी पवन सिन्हा, आई.टी. सेल संयोजक नवदीप नंदा, सोशल मीडिया संयोजक अजय चंद्रा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

 

सचिव स्तर की बनी समिति, करेगी जांच

शासन ने बरबसपुर में प्रस्तावित टी. पी. नगर प्रकरण के लिए विस्तृत परिक्षण हेतु सचिव स्तर की 09 सदस्यीय समिति का गठन किया है जिसका अध्यक्ष वन विभाग के प्रमुख सचिव को बनाया गया है जबकि कोरवा कलेक्टर सचिव होंगे इसी तरह अन्य सदस्यों में राजस्व एवं आपदा विभाग के सचिव, नगरीय प्रशासन व विकास विभाग के सचिव, खनिज विभाग के सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग के उप सचिव, नगर एवं ग्राम निवेश के संचालक, पर्यावरण संरक्षण मंडल का एक सदस्य इस समिति में शामिल है। जिलाध्यक्ष डॉ. राजीव सिंह ने गठित समिति का स्वागत करते हुए कहा है किइस समिति उपरांत सही तथ्य सामने आयेगा।